ये शोध उन आंतरिक मामलों को देखने का प्रयास हैं, जो इस बात पर चर्चा करेंगे कि इंद्रा गांधी जी का आपातकाल लगाने का फैसला, कोई एक दिन का फैसला नहीं था।
कई ऐसे बिंदु हैं जिन्हें छुपाया गया, कारण था श्री मति इंद्रा गांधी जी कि बढ़ती लोकप्रियता का भय।
या यूं कहे कि एक महिला की लीडरशिप का जादू, जिसने कईयों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लगाए थे।
ये शोध अधूरा ही आपके सामने लाना मेरी आर्थिक मजबूरी थी, आशा है आप अपने सहयोग से मुझे इस शोध को ही नहीं एक अन्य शोध को भी पूरा करने में मदद करेंगे।
आपका आभारी
सतीश शिव सिंह खड़का
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