
नमस्ते, मैं पीयूष हूँ—एक लेखक और आपका दोस्त।
एक लेखक के तौर पर मैंने शब्दों को जिया है, पर आज के शोर भरे दौर में मैंने महसूस किया है कि हर कोई बोलना चाहता है, पर सुनने वाले बहुत कम हैं। अक्सर हम अपनी बातें दिल में दबा लेते हैं क्योंकि हमें लगता है कि लोग हमें 'जज' करेंगे।
'सुकून टॉक' मेरी एक छोटी सी सामाजिक पहल है जहाँ मैं आपको सुनने के लिए उपलब्ध हूँ। यह चर्चा पूरी तरह सुरक्षित और गुप्त है।यह एक ऑडियो चर्चा होगी, हम दोनों अपना कैमरा बंद रखेंगे।
भाषा: चूँकि दिल की बात मातृभाषा में ही सहज होती है, इसलिए यह कॉल पूरी तरह हिंदी/हिंग्लिश में होगी।
फीस (₹20): यह कोई कमाई का जरिया नहीं, बल्कि सिर्फ इसलिए है ताकि केवल गंभीर (serious) लोग ही जुड़ें और मैं अपना समय सही व्यक्ति को दे सकूँ।
आइए, थोड़ा बोझ हल्का करते हैं। मैं सुन रहा
हूँ।