ओशो- अज्ञात की ओर with Hariom Speaks

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ओशो- अज्ञात की ओर

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About this product

यह ओशो की शुरुआती और अत्यंत गहन हिंदी प्रवचन श्रृंखलाओं में से एक है, जिसमें वे मनुष्य को ज्ञात सीमाओं, मान्यताओं, तर्कों और अहंकार से बाहर निकलकर “अज्ञात” की ओर बढ़ने का आमंत्रण देते हैं। पूरी श्रृंखला में ओशो धर्म, ध्यान, विज्ञान, मन, चेतना, श्रद्धा और आत्म-परिवर्तन पर गहराई से बात करते हैं। यह श्रृंखला शुरुआती seekers के लिए भी बहुत उपयुक्त मानी जाती है क्योंकि इसमें भाषा सरल लेकिन अनुभव अत्यंत गहरा है।

सभी प्रवचन एवं टाइमस्टैम्प

1. OSHO-Agyat_Ki_Aur_01

⏱️ Duration: 56m 35s

मुख्य विषय:

  • भोग और त्याग दोनों से परे रूपांतरण
  • धर्म को जीने की कला
  • भीतर की यात्रा की शुरुआत
  • चेतना बदलने का महत्व

क्या खास है:

ओशो बताते हैं कि केवल त्याग करने से धर्म नहीं आता। असली परिवर्तन भीतर की चेतना बदलने से होता है। जीवन को दबाने नहीं बल्कि समझने की आवश्यकता है।

2. OSHO-Agyat_Ki_Aur_02

⏱️ Duration: 1h 20m 55s

मुख्य विषय:

  • सही शिक्षा क्या है
  • मनुष्य क्यों अंधानुकरण करता है
  • ज्ञान बनाम अनुभव
  • समाज और conditioning

क्या खास है:

इस प्रवचन में ओशो कहते हैं कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी भरना नहीं बल्कि जागरूकता पैदा करना होना चाहिए। वे बताते हैं कि borrowed knowledge व्यक्ति को सत्य से दूर कर सकता है।

3. OSHO-Agyat_Ki_Aur_03

⏱️ Duration: 1h 03m 41s

मुख्य विषय:

  • चित्त को बदलने की प्रक्रिया
  • ध्यान और जागरूकता
  • मन के पैटर्न
  • भीतर की शांति

क्या खास है:

ओशो समझाते हैं कि समस्या संसार नहीं बल्कि मन की आदतें हैं। ध्यान कोई क्रिया नहीं बल्कि देखने की कला है। जब व्यक्ति स्वयं को देखना शुरू करता है, तब भीतर परिवर्तन घटता है।

4. OSHO-Agyat_Ki_Aur_04

⏱️ Duration: 49m 51s

मुख्य विषय:

  • विज्ञान और धर्म का संबंध
  • बाहरी खोज बनाम आंतरिक खोज
  • आधुनिक मनुष्य की बेचैनी
  • तर्क की सीमाएँ

क्या खास है:

इस प्रवचन में ओशो कहते हैं कि विज्ञान और धर्म विरोधी नहीं हैं। विज्ञान बाहर की दुनिया खोजता है, धर्म भीतर की। दोनों का मिलन संपूर्ण मनुष्य को जन्म देता है।

5. OSHO-Agyat_Ki_Aur_05

⏱️ Duration: 1h 06m 42s

मुख्य विषय:

  • मन कभी तृप्त क्यों नहीं होता
  • इच्छाओं का अंतहीन चक्र
  • सुख और आनंद में अंतर
  • वर्तमान में जीना

क्या खास है:

ओशो बताते हैं कि मन हमेशा भविष्य में जीता है, इसलिए कभी संतुष्ट नहीं होता। आनंद केवल वर्तमान क्षण में संभव है। यह प्रवचन meditation seekers के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है।

6. OSHO-Agyat_Ki_Aur_06

⏱️ Duration: 57m 49s

मुख्य विषय:

  • भय और असुरक्षा
  • अहंकार का खेल
  • प्रेम और स्वतंत्रता
  • आत्म-स्वीकृति

क्या खास है:

ओशो बताते हैं कि भय का मूल कारण “मैं” की पकड़ है। जैसे-जैसे व्यक्ति स्वयं को स्वीकार करता है, वैसे-वैसे भीतर स्वतंत्रता जन्म लेती है।

7. OSHO-Agyat_Ki_Aur_07

⏱️ Duration: 1h 04m 36s

मुख्य विषय:

  • श्रद्धा बनाम विश्वास
  • मन के तर्कों का जाल
  • शून्य से शुरुआत
  • साक्षीभाव

महत्वपूर्ण टाइमस्टैम्प (community notes):

  • 00:00 – 07:07 → सुंदर भजन
  • 15:20 → शिष्टाचार का वास्तविक अर्थ
  • 17:50 → जिन चीज़ों को दबाते हैं, वे बची रहती हैं
  • 19:20 → आध्यात्मिक झूठ क्या है
  • 21:48 – 24:40 → मन कैसे तर्कों का जाल बनाता है
  • 25:38 → शून्य से शुरुआत करो
  • 29:20 → विश्वास Vs श्रद्धा
  • 33:30 → धर्मग्रंथों पर गहरी चर्चा
  • 1:19:20 → साक्षीभाव और नींद का अनुभव

क्या खास है:

यह पूरी श्रृंखला का सबसे चर्चित प्रवचन माना जाता है। ओशो यहां कहते हैं कि सच्ची आध्यात्मिक यात्रा तब शुरू होती है जब व्यक्ति अपनी सभी पहचानों को छोड़कर शून्य में उतरने को तैयार हो जाता है।

₹199