“विज्ञान भैरव तंत्र – ओशो” एक व्यापक और गहराई से समझाने वाली प्रवचन श्रृंखला है, जिसमें ओशो ने प्राचीन विज्ञान भैरव तंत्र के 112 ध्यान सूत्रों को आधुनिक जीवन के संदर्भ में व्याख्यायित किया है।
यह ग्रंथ भगवान शिव और देवी पार्वती के बीच संवाद के रूप में प्रस्तुत है, जहाँ पार्वती ध्यान और मुक्ति के मार्ग के बारे में प्रश्न पूछती हैं, और शिव 112 अलग-अलग ध्यान विधियों के माध्यम से उत्तर देते हैं।
ओशो इन विधियों को केवल सैद्धांतिक रूप में नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में लागू करने योग्य तरीके से समझाते हैं — जैसे:
यह श्रृंखला ध्यान के हर संभव मार्ग को कवर करती है — चाहे व्यक्ति सक्रिय हो, भावुक हो, बौद्धिक हो या शांत स्वभाव का।
(Exact duration हर source में थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन सामान्यतः:)
विज्ञान भैरव तंत्र 01 → ~01:20:00
विज्ञान भैरव तंत्र 02 → ~01:25:00
विज्ञान भैरव तंत्र 03 → ~01:30:00
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विज्ञान भैरव तंत्र 40 → ~01:15:00
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विज्ञान भैरव तंत्र 80 → ~01:10:00
👉 कुल मिलाकर पूरी श्रृंखला की अवधि लगभग 90 से 100 घंटे के बीच होती है।