भीतर का ब्रह्मांड — जीवंत पुस्तक + PDF 🌌 with DhyanMarg 🔱

भीतर का ब्रह्मांड — जीवंत पुस्तक + PDF 🌌

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21-Day Guided Sadhana

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Digital Product

About this product

🌌 जो तुम बाहर ढूँढ़ते रहे, वह भीतर है।

हर साल तुम एक नई सूची बनाते हो — और तीसरे हफ़्ते तक वह चुपचाप टूट जाती है। टूटती सूची नहीं, बीच की एक कड़ी है, जिसका नाम तुम्हें किसी ने पूरा नहीं बताया। यह पुस्तक वह कड़ी दिखाती है — कहाँ टूटती है, और कैसे जुड़ती है।

📖 क्या मिलेगा

  • जीवंत पुस्तक — अँधेरी गुफा में धूल भरी पांडुलिपि खुलती है, दीपक जलता है, पन्ने सचमुच पलटते हैं, पंक्तियाँ आँखों के सामने लिखी जाती हैं; 3D ध्वनि और संगीत (headphone लगाकर पढ़ें)।

  • पूरी PDF — किसी भी फ़ोन पर, बिना इंटरनेट।

  • दस अध्याय, 344 पन्ने — हर अध्याय में चार द्वार: खुलना · भेद · ग़लतफ़हमियाँ · साधना।

🔑 दस द्वार

भीतर का आकाश · वह नियम जो चुपचाप चलता है · मन का मौसम · जो पास है, उसकी दूसरी बही · धन से एक बात · दूसरों की आँख का चेहरा · पाँच परतें · जहाँ चोट लगी, वहीं जड़ · जो कभी नहीं घटता · नई शुरुआत — दीपक अब तुम्हारे हाथ

इंद्र और विरोचन, नचिकेता और यम, मैत्रेयी, सत्यकाम, भृगु — उपनिषदों की असली कथाएँ कहानी की तरह, और हर कथा के बाद वह अभ्यास जो तुम्हारे रोज़ के जीवन में उतरे। अंत में ब्रह्म मुहूर्त का पूरा 21 दिन का क्रम — एक दिन भी छूटे, तो दिन 1 से फिर।

✍️ हिंदी पाठक के लिए हिंदी में लिखी गई — किसी दूसरी पुस्तक का अनुवाद नहीं। हर श्लोक मूल पाठ से अक्षरशः; स्रोत पुस्तक के अंत में।

🙏 ईमानदार बात: यहाँ कोई चमत्कार या धन-सेहत का वादा नहीं; दवा और डॉक्टर की जगह नहीं। जो है, वह एक अभ्यास है — रोज़, थोड़ा-थोड़ा।

— ध्यानमार्ग प्रकाशन · पहला संस्करण

₹299