सोहम साधना — जीवित मार्गदर्शिका 🔱 with DhyanMarg 🔱

सोहम साधना — जीवित मार्गदर्शिका 🔱

DhyanMarg 🔱

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21-Day Guided Sadhana

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About this product

🕉️ सोहम — साँस के साथ चलने वाला सबसे सरल और सबसे पुराना जप।

साँस अपने-आप चलती है — आप सोते हैं, तब भी। योग-परंपरा इसी साँस के साथ मन में ‘सो’ (भीतर आती साँस) और ‘हम्’ (बाहर जाती साँस) जोड़ना सिखाती है, और इसे अजपा जप कहती है — वह जप जिसे बोलना नहीं पड़ता। ग्रंथ एक दिन-रात में 21,600 साँसें गिनते हैं; यह परंपरा की गणना है, आपकी अपनी साँस की गति अलग हो सकती है।

अब तक आपने उस पर ध्यान नहीं दिया, बस इतनी-सी बात है। यह जीवित पुस्तक वही ध्यान खोलती है।

◆ 10 अध्याय · 39 खंड · मोबाइल पर लगभग 110 भरे पन्ने
◆ साथ में पुरातन पांडुलिपि रूप की PDF (74 पन्ने) — छापकर भी पढ़ सकते हैं

◆ मोरपंख की क़लम से पन्ने पर उतरती लिखावट, असली किताब की तरह पलटते पन्ने

◆ ॐ का नाद · तिब्बती कटोरी (singing bowl) की गूँज · पन्ना पलटने की आवाज़

◆ बिना इंटरनेट भी खुलती है — एक ही HTML फ़ाइल, हमेशा आपके पास

━━ भीतर क्या है ━━

साँस की लय, बैठने का ढंग, समय, मन भटके तो लौटने का रास्ता, नींद-ऊब-सुन्न पैर-आँसू जैसी अड़चनें, और घेरंड संहिता, शिव संहिता, हंस उपनिषद्, योगचूडामणि उपनिषद् व पतंजलि के योगसूत्र के संदर्भ — सब सरल हिंदी में, साधक के लिए।

━━ कैसे खोलें ━━

ख़रीदते ही मिलने वाली फ़ाइल को Chrome में खोलें। हेडफ़ोन हों तो बेहतर, बिना भी पढ़ सकते हैं। कमरे की रोशनी धीमी कर लें। जल्दी नहीं — दिन में एक अध्याय काफ़ी है।

ध्यानमार्ग · कोई सवाल हो तो: [email protected]

₹199